नए साल में भाजपा ने बिहार को लेकर गंभीरता से सोचना शुरू किया. राज्यसभा चुनाव करीब आया तो पहले नीतीश कुमार के बेटे के बारे में सोचा जाने लगा. दिलचस्प है कि भाजपा, जेडीयू नेता के लिए सोच रही थी. निशांत अभी राजनीति में सक्रिय नहीं लेकिन उन्हें राज्यसभा भेजने की चर्चा चली. फिर मार्च के तीन दिनों में ऐसा क्या हुआ कि नीतीश कुमार राजी हो गए?
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