पहले टेलीफोन टेप होते थे। तब सेल्युलर टेक्नोलॉजी थी ही नहीं। टेपिंग भी दो तरह से। एक तो टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए। दूसरा तरीका था जहां आपका डायलर टेलीफोन रखा है, वहीं उसके तार से छेड़छाड़ कर कोई डिवाइस लगा देना जिससे फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड हो जाए। अब तो हैकिंग होने लगी है। मामला गरम है। कहान
0 Comments