रिपोर्ट के मुताबिक, 6 महीने का यह अध्ययन इस बात का पता लगाने में सहायक होगा कि आखिर क्यों मुंबई जैसे शहरों में हाई सीरोपॉजिटिविटी होने की वजह से भी संक्रमण से राहत नहीं मिल रही है. इसके अलावा, शोध से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर कब तक रहेगी.
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